असम और नॉर्थ ईस्ट भारत की आवाज़ कहे जाने वाले मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। सितंबर 2025 में सिंगापुर में हुई इस घटना को लेकर कई तरह की अटकलें और आरोप सामने आए।लेकिन अब सिंगापुर पुलिस की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
सिंगापूर में हुई थी मोत
जुबीन गर्ग नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में परफॉर्म करने के लिए सिंगापुर गए थे। सितंबर 2025 में लाजरस द्वीप के पास एक यॉट पार्टी आयोजित की गई थी, जिसमें उनके करीब 20 दोस्त और साथी मौजूद थे। यहीं से वह घटनाक्रम शुरू हुआ, जिसने एक महान कलाकार की जिंदगी छीन ली।
जाँच में क्या सामने आया
सिंगापुर पुलिस की जांच के अनुसार, घटना के समय जुबीन गर्ग काफी अधिक नशे में थे। टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में उनके खून में अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम प्रति 100 मिलीलीटर पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी ड्राइविंग सीमा से लगभग चार गुना अधिक थी। गवाहों के बयानों से पता चला कि उन्होंने व्हिस्की, जिन और गिनेस स्टाउट जैसी शराब पी थी। अत्यधिक नशे की हालत में शरीर का संतुलन और प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हो जाती है, जो पानी के आसपास बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जुबीन ने शुरुआत में लाइफ जैकेट पहन रखी थी, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने उसे उतार दिया। जब उन्हें दूसरी लाइफ जैकेट ऑफर की गई, तो उन्होंने उसे पहनने से इनकार कर दिया। इसके बाद वे खुद ही पानी में कूद गए और तैरकर यॉट की ओर लौटने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान अचानक वे बेहोश हो गए, उनका शरीर ढीला पड़ गया और उनका चेहरा पानी में चला गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
यॉट पर मौजूद लोगों ने जब यह देखा, तो उन्होंने तुरंत जुबीन को पानी से बाहर निकाला और CPR देना शुरू किया। सिंगापुर पुलिस कोस्ट गार्ड को भी तुरंत सूचना दी गई और रेस्क्यू में कोई देरी नहीं हुई। इसके बाद जुबीन को सिंगापुर जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद शाम करीब 5:15 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण साफ तौर पर डूबना यानी drowning बताया गया।
इस मामले को लेकर सबसे ज्यादा विवाद साजिश और फाउल प्ले के आरोपों को लेकर हुआ। सिंगापुर पुलिस ने अपनी जांच में स्पष्ट किया कि जुबीन को न तो किसी ने पानी में धक्का दिया और न ही यह आत्महत्या का मामला था। सभी सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर पुलिस ने इसे एक दुर्घटनावश हुई मौत बताया। हालांकि, भारत में खासकर असम में कई तरह की साजिश की थ्योरी सामने आईं और असम पुलिस की SIT ने दिसंबर 2025 में चार लोगों के खिलाफ हत्या के आरोप में चार्जशीट भी दाखिल की, लेकिन सिंगापुर पुलिस की रिपोर्ट इन दावों से मेल नहीं खाती।
जांच में जुबीन गर्ग की मेडिकल हिस्ट्री का भी जिक्र किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें हाइपरटेंशन और एपिलेप्सी (मिर्गी) की समस्या थी और 2024 में उन्हें आखिरी बार दौरा पड़ा था। घटना वाले दिन उन्होंने दवाइयां ली थीं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। हालांकि, उनके शरीर में किसी अन्य ड्रग्स के कोई सबूत नहीं मिले। नशे की अधिक मात्रा और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं ने इस हादसे के जोखिम को और बढ़ा दिया।
कुल मिलाकर, सिंगापुर पुलिस की जांच यह संकेत देती है कि जुबीन गर्ग की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी, न कि किसी साजिश या हत्या का नतीजा।
भारतीयों के दिलो में रहेंगे अमर
जुबिन गर्ग भले ही आज हमारे बीच न हों, लेकिन उनकी आवाज़, उनका संगीत और नॉर्थ ईस्ट की संस्कृति के लिए उनका योगदान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा।
